सुधा मन में सोच रही थी कि सच मुट्ठी में लिखी तकदीर को कोई नहीं बदल सका। सुधा मन में सोच रही थी कि सच मुट्ठी में लिखी तकदीर को कोई नहीं बदल सका।
भूख के मारे बुरा हाल हो रहा है उसने भी हामी भरी। क्या करें यार दिल है कि मानता नहीं। भूख के मारे बुरा हाल हो रहा है उसने भी हामी भरी। क्या करें यार दिल है कि मानता न...
उसने साबित के दिया था कि तपस्या करने के लिए मन्दिर नहीं मन की आवश्यकता होती है। उसने साबित के दिया था कि तपस्या करने के लिए मन्दिर नहीं मन की आवश्यकता होती है।
"क्या कहूँ और क्या बताऊँ? रोज ही ऑफिस से बाहर निकलते हुए हालत ये हो जाती है कि पूरा आसम "क्या कहूँ और क्या बताऊँ? रोज ही ऑफिस से बाहर निकलते हुए हालत ये हो जाती है कि प...
और आज दोस्ती की बदौलत एक श्याम रंग से ग्रसित लड़की आत्मविश्वास से चहकने लगी थी। और आज दोस्ती की बदौलत एक श्याम रंग से ग्रसित लड़की आत्मविश्वास से चहकने लगी थी।
कभी मैं अपनी अभिशप्त कलम को तो कभी उसकी जिन्दगी के सूनेपन को कल्पना में देखने लगी। कभी मैं अपनी अभिशप्त कलम को तो कभी उसकी जिन्दगी के सूनेपन को कल्पना में देखने लग...